Jharkhand में 25 से ज्यादा भ्रष्ट्राचार मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, बाबूलाल मरांडी ने पूछा क्यों हो रही है भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश ?

रांची: झारखंड में हेमंत सरकार पर सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्ट्राचार पर डंडा चलाया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को दिशा निर्देश जारी किया है। मामले पर बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तंज कसा है।
क्या है मामला
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सेना की जमीन की खरीद-बिक्री, IAS अधिकारी राजीव अरुण एक्का द्वारा निजी कार्यालय में सरकारी फाइलों के निपटारे, पूर्व DGP अनुराग गुप्ता पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप, DC रामनिवास यादव के आवास से कारतूस की बरामदगी तथा JPSC-JSSC परीक्षाओं में सीटों की खरीद-बिक्री जैसे 25 से अधिक गंभीर मामलों पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किये है।
प्रतिपक्ष नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया “X’ में पोस्ट जारी कर पूछ है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी..आखिर इन गंभीर मामलों को दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है? जांच को बाधित करने और दोषियों पर कार्रवाई से बचने की जरूरत क्या है? ED की कार्रवाई में राज्य सरकार सहयोग क्यों नहीं कर रही है?
अब जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, तो क्या आपकी सरकार निष्पक्ष कार्रवाई करेगी? या फिर अन्य मामलों की तरह महंगे वकीलों के सहारे इस मामले में भी रोक लगवाकर जांच को लंबा खींचने की कोशिश की जाएगी












