सरकारी स्कूलों में चलेगा कोचिंग क्लास : सरकार स्कूलों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में, क्लास टाईम के बाद शाम को चलेगा कोचिंग क्लास, शिक्षकों को मिलेगा इंसेटिव
Coaching classes will be offered in government schools: The government is preparing to make major changes to schools, with coaching classes running in the evenings after class hours and teachers receiving incentives.

School Teacher News/20.5.26। सरकार सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नया स्वरूप देने की तैयारी में जुट गई है। अब स्कूलों में केवल नियमित पढ़ाई ही नहीं होगी, बल्कि छात्रों के लिए शाम में विशेष कोचिंग क्लास भी संचालित की जाएंगी। बिहार में शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी माहौल मिलेगा और निजी कोचिंग संस्थानों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस नई योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक और परिणाम आधारित मॉडल में विकसित करना चाहती है। इसी दिशा में यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है।
स्कूल परिसर में ही मिलेगी अतिरिक्त पढ़ाई
नई योजना के तहत स्कूल समय समाप्त होने के बाद उसी विद्यालय के छात्रों को अतिरिक्त पढ़ाई कराई जाएगी। इन विशेष कक्षाओं में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को इससे सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, क्योंकि वे महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।
सरकार इस योजना को सीधे लागू करने के बजाय पहले छात्रों और अभिभावकों की राय लेगी। विभाग का कहना है कि उनकी जरूरत और सुविधा के अनुसार ही कोचिंग क्लास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
शिक्षकों को मिलेगा आर्थिक प्रोत्साहन
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि शाम की कोचिंग क्लास में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अलग से इंसेंटिव दिया जाएगा। यानी स्कूल समय के बाद अतिरिक्त पढ़ाई कराने वाले शिक्षकों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों की भागीदारी बढ़ेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा।शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बेहतर परिणाम लाने के लिए केवल ढांचागत सुधार ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और छात्रों दोनों को प्रेरित करना जरूरी है।
जर्जर स्कूल भवनों की भी होगी मरम्मत
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि सरकार केवल पढ़ाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहती। स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में भी काम शुरू किया जा रहा है। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों से जर्जर और भवनहीन स्कूलों की सूची मांगी गई है।सूची मिलने के बाद स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य यह है कि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।









