रूपी सोरेन के निधन पर दलों की दीवार टूटी, राहुल गांधी से बाबूलाल मरांडी तक नेताओं ने जताया शोक, देखिये नेताओं ने अपनी संवेदना संदेश में क्या कहा..
Partisan barriers were set aside following the demise of Rupi Soren; leaders ranging from Rahul Gandhi to Babulal Marandi expressed their condolences. Here is what the leaders said in their messages of sympathy.

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन से पूरा राजनीतिक जगत शोक में डूब गया है। उनके निधन पर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेताओं ने संवेदना जतायी। शोक संदेशों में रूपी सोरेन को केवल सोरेन परिवार की मातृशक्ति ही नहीं, बल्कि झारखंड के लंबे संघर्ष की साक्षी और मजबूत आधार के रूप में याद किया गया।
रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, झामुमो, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की माताजी रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
ये खबर भी पढ़ें…इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं हेमंत सोरेन जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2026
राहुल गांधी बोले- समाचार अत्यंत दुखद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी रूपी सोरेन के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।राहुल गांधी ने शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दुर्गा सोरेन जी के असमय निधन के बाद माँ रूपी सोरेन जी ने जिस पीड़ा को अपने हृदय में समेटकर मुझे संभाला, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं है।
आज माँ भी हमें छोड़कर हमेशा के लिए चली गईं।😪बाबा शिबू सोरेन जी के साथ जीवनभर का सफर निभाने वालीं और परिवार की ममता व शक्ति का आधार रहीं माँ की कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
माँ, आपका स्नेह, आपका आशीर्वाद और आपकी स्मृतियाँ हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी।— Sita Soren (@SitaSorenMLA) October 7, 2026
सीता सोरेन ने याद किया मां का स्नेह
रूपी सोरेन के निधन पर सीता सोरेन का संदेश बेहद भावुक रहा। उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन के असमय निधन के बाद मां रूपी सोरेन ने जिस पीड़ा को अपने भीतर समेटकर उन्हें संभाला, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं है।
सीता सोरेन ने लिखा कि आज मां भी उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चली गयीं। उन्होंने रूपी सोरेन को परिवार की ममता और शक्ति का आधार बताते हुए कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।
झामुमो ने कहा- संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक थीं रूपी सोरेन
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रूपी सोरेन के निधन को पार्टी और पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।पार्टी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षों में लंबे समय तक साथ खड़ी रहीं रूपी सोरेन भी अब नहीं रहीं। झामुमो ने उन्हें संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताया और कहा कि एक मां का साया उठ जाना हेमंत सोरेन, उनके परिवार और पूरे झारखंड के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
दीपक बिरुआ बोले- पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति
मंत्री दीपक बिरुआ ने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लंबे संघर्ष में शिबू सोरेन के साथ हर मोड़ पर मजबूती से खड़ी रहने वाली रूपी सोरेन का जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा- मां का साया उठना सबसे बड़ा व्यक्तिगत आघात
मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि पिता के बाद मां का साया उठ जाना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद कठिन समय होता है। उन्होंने रूपी सोरेन की ममता और संस्कारों को याद करते हुए हेमंत सोरेन और पूरे परिवार के प्रति संवेदना जतायी।
परिमल नाथवाणी ने याद किया शिबू सोरेन के संघर्ष में साथ
राज्यसभा सांसद परिमल नाथवाणी ने कहा कि रूपी सोरेन ने शिबू सोरेन के संघर्ष भरे जीवन में पल-पल साथ दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और झारखंड के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
रवींद्र नाथ महतो बोले- झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति खो दी
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने रूपी सोरेन के निधन को हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि उनके निधन से झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति खो दी है। उन्होंने हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जतायी।
भाजपा नेताओं ने भी जताया दुख
रूपी सोरेन के निधन पर भाजपा नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। प्रदेश नेता आदित्य साहू और रागिनी सिंह ने हेमंत सोरेन समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदना जतायी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने भी रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी के निधन की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
अंबा प्रसाद ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने भी रूपी सोरेन के निधन को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने हेमंत सोरेन और पूरे शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
रघुवर दास ने कहा- रूपी चाची का जाना व्यक्तिगत क्षति
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रूपी सोरेन के निधन पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और हेमंत सोरेन की मां बताते हुए कहा कि उनके निधन की सूचना से वह मर्माहत और स्तब्ध हैं।
रघुवर दास ने रूपी सोरेन को ‘रूपी चाची’ कहते हुए कहा कि उनका जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन ने उन्हें पुत्रवत स्नेह दिया और उनका यह स्नेह हमेशा उनकी यादों में जीवित रहेगा।
उन्होंने रूपी सोरेन को ममता का साक्षात स्वरूप बताते हुए उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की प्रार्थना की।
राजनीतिक मतभेद पीछे छूटे, सामने आया मानवीय रिश्ता
रूपी सोरेन के निधन के बाद सामने आये शोक संदेशों में एक बात खास रही—राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नेताओं ने एक मां और परिवार के सदस्य के निधन पर संवेदना व्यक्त की।
कांग्रेस से लेकर भाजपा और झामुमो तक के नेताओं ने हेमंत सोरेन के दुख में साथ खड़े होने की बात कही। किसी ने उन्हें झारखंड के संघर्ष की साक्षी बताया, तो किसी ने ममता की प्रतिमूर्ति।
अत्यंत दुखद और हृदयविदारक खबर।
राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री एवं मेरे बड़े भाई आदरणीय श्री हेमंत सोरेन जी की माताजी श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन की खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया।
यह झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में मैं पूरे सोरेन परिवार के साथ खड़ा हूं। सोरेन परिवार मेरा अपना परिवार है।
मैं स्वयं हॉस्पिटल में हूं और इस दुख की घड़ी में अस्पताल से ही लगातार उनके परिवार के साथ हूं। यह खबर मेरे दिल को अंदर तक चीर गई है। इस अपार पीड़ा को शब्दों में बयां करना संभव नहीं है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और बड़े भाई हेमंत सोरेन जी सहित पूरे सोरेन परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति दें।
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) October 7, 2026
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार ने अपना एक मजबूत भावनात्मक आधार खो दिया है। वहीं झारखंड की राजनीति ने भी ऐसी महिला को खोया है, जिसने लंबे समय तक सार्वजनिक मंचों से दूर रहकर उस परिवार को संभाला, जिसका नाम राज्य के आंदोलन और राजनीति के इतिहास में दर्ज है।












