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झारखंड- हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद: 2 मई से आयोग की सुनवाई, मेरिट सूची की गड़बड़ियों की होगी जांच

Jharkhand: High school teacher appointment dispute: Commission hearing begins May 2, merit list discrepancies to be investigated

झारखंड में हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति को लेकर उठे विवाद की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्यस्तरीय मेरिट सूची में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित आयोग 2 मई से सुनवाई शुरू करेगा, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी करेंगे।
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रांची। झारखंड में हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। राज्यस्तरीय मेरिट सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए गठित आयोग 2 मई से सुनवाई शुरू करेगा। यह सुनवाई पुराने हाईकोर्ट भवन में आयोजित की जाएगी, जहां इस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की गहन पड़ताल की जाएगी।

इस जांच आयोग की अध्यक्षता गौतम कुमार चौधरी करेंगे, जो Jharkhand High Court के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। आयोग के समक्ष केवल संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं को ही उपस्थित रहने की अनुमति दी गई है, जिससे सुनवाई को व्यवस्थित और केंद्रित रखा जा सके।

यह आयोग हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित किया गया है। दरअसल, मीना कुमारी और अन्य अभ्यर्थियों ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2016 में हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति के लिए जारी राज्यस्तरीय मेरिट सूची में गंभीर अनियमितताएं हुईं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और कई ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई, जिनके अंक उनसे कम थे।

अदालत ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र आयोग के गठन का आदेश दिया था। इसी के तहत अब यह आयोग सुनवाई शुरू कर रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेरिट सूची तैयार करने में नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इससे न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

आयोग की सुनवाई के दौरान सभी संबंधित दस्तावेज, चयन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और पक्षकारों के तर्कों की विस्तार से जांच की जाएगी। संभावना है कि सुनवाई के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार और अदालत को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

इस मामले का असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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