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जानिये कौन हैं परिमल नथवाणी, जिन्होंने कांग्रेस के साथ कर दिया कांड, ना पार्टी ना विधायक, फिर भी कैसे जीत जाते हैं चुनाव, रिलायंस से राजनीति तक की पूरी कहानी

Find out who Parimal Nathwani is—the man who pulled a surprise move on the Congress. With neither a party nor MLAs behind him, how does he manage to win elections? Here is the full story of his journey from Reliance to politics.

Parimal Nathwani Biography : जानिये कौन हैं परिमल नथवाणी, रिलायंस से लेकर राजनीति तक, उनकी पूरी प्रोफाइल पढ़िये…

Parimal Nathwani Biography In Hindi। झारखंड राज्यसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की रही, वह है परिमल नथवाणी। यूं तो पहले भी राज्यसभा परिमल नथवाणी जा चुके हैं, लेकिन इस बार का गणित कुछ अलग था। सत्ता पक्ष की चक्रव्यूह को तोड़ते हुए जिस तरह से परिमल ने कांग्रेस को चारों खाने चित किया, वो बेहद हैरान करने वाला रहा। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे नथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर राज्यसभा का टिकट हासिल कर लिया। इस जीत ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर परिमल नथवाणी हैं कौन और उनकी राजनीतिक ताकत का आधार क्या है?

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रिलायंस से लेकर राजनीति तक मजबूत पकड़

परिमल नथवाणी देश के प्रमुख उद्योग समूह Reliance Industries में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं। उन्हें उद्योगपति Mukesh Ambani के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। रिलायंस के कई बड़े प्रोजेक्ट्स, विशेषकर गुजरात के जामनगर रिफाइनरी प्रोजेक्ट के विस्तार और जमीनी समन्वय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

राजनीति में भी साबित किया दम

परिमल नथवाणी का राजनीतिक सफर भी कम दिलचस्प नहीं है। वे वर्ष 2008 और 2014 में झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे। उस दौरान उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिला था। बाद में वर्ष 2020 में वे YSR Congress Party के समर्थन से आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने। अब 2026 में उन्होंने एक बार फिर झारखंड से जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया है कि उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता दलगत सीमाओं से कहीं आगे तक फैली हुई है।

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सभी दलों से बेहतर संबंध बने ताकत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नथवाणी की सबसे बड़ी ताकत विभिन्न दलों के नेताओं के साथ उनके मधुर संबंध हैं। वे पर्दे के पीछे रहकर संवाद और समन्वय की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि कई बार वे ऐसे समीकरण साधने में सफल रहे हैं, जहां दूसरे उम्मीदवार पिछड़ जाते हैं।

क्रिकेट प्रशासन में भी बड़ा नाम

राजनीति और उद्योग जगत के अलावा परिमल नथवाणी खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं। वे Gujarat Cricket Association के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं। अहमदाबाद स्थित Narendra Modi Stadium के पुनर्विकास और उसे दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में भी उनकी अहम भूमिका बताई जाती है।

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वन्यजीव संरक्षण से भी जुड़ाव

परिमल नथवाणी सामाजिक और पर्यावरणीय गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। विशेष रूप से गुजरात के गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों के संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं।

झारखंड चुनाव में क्यों रही चर्चा?

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन के अतिरिक्त वोटों की उम्मीद थी, लेकिन अंतिम परिणाम में समीकरण बदल गए। नथवाणी ने आवश्यक समर्थन जुटाकर जीत हासिल कर ली। यही वजह है कि उनकी यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रबंधन और नेटवर्किंग की बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
राजनीति, उद्योग, खेल और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय परिमल नथवाणी एक ऐसे चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिनकी पहचान सिर्फ कारोबारी या राजनेता तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कई क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व माने जाते हैं।

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं। ईमेल: amitabh@hpbltop.com

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