close
LIVE UPDATE

झारखंड में बारिश से ज्यादा ‘आफत’ बन रहे हादसे: वज्रपात और दीवार गिरने से 4 की मौत, कई घायल

मॉनसून की हल्की सक्रियता के बीच बढ़े हादसे, 25 जून तक येलो अलर्ट जारी, झारखंड मौसम, वज्रपात से मौत, झारखंड बारिश खबर, lightning death Jharkhand, Jharkhand weather alert, rain accident news, wall collapse Jharkhand

रांची/झारखंड। राज्य में मॉनसून भले ही धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है, लेकिन बारिश राहत से ज्यादा आफत बनती नजर आ रही है। रूक-रूक कर हो रही बारिश के बीच वज्रपात और अन्य हादसों ने लोगों की जान लेनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को झारखंड के चार अलग-अलग जिलों में वज्रपात और दीवार गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।

वज्रपात बना जानलेवा

गढ़वा, कोडरमा, गुमला और लातेहार जिलों में वज्रपात ने कहर बरपाया।

  • गढ़वा के धुरकी थाना क्षेत्र में चंदा कुमारी (18) की वज्रपात से मौत हो गई, जबकि तौहीद अंसारी घायल हो गया।
  • लातेहार के हेरहंज क्षेत्र में सरोज गंझू (35) की जान चली गई।
  • गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में वृद्ध सैबू भोगता की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।

दीवार गिरने से भी गई जान

कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में बारिश के दौरान दीवार गिरने से आरती देवी (40) की मौत हो गई। यह घटना बताती है कि बारिश के दौरान सिर्फ बिजली ही नहीं, जर्जर संरचनाएं भी बड़ा खतरा बन रही हैं।

 बाजार में भी नहीं सुरक्षित लोग

पलामू जिले के पाटन में साप्ताहिक बाजार के दौरान वज्रपात हुआ, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। यह घटना इस बात का संकेत है कि खुले स्थानों पर भीड़ के बीच खतरा और बढ़ जाता है।

बारिश कम, लेकिन खतरा ज्यादा

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, झारखंड में 1 से 19 जून के बीच सामान्य से 56% कम बारिश हुई है।

  • अब तक 37.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य 83.7 मिमी होती है।
  • मेदिनीनगर में तापमान 40.2°C और रांची में 31.6°C दर्ज किया गया।

यानी बारिश कम है, लेकिन उससे जुड़े हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं।

25 जून तक येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 25 जून तक राज्य के कई हिस्सों में

  • मेघ गर्जन
  • वज्रपात
  • तेज हवा
  • हल्की से मध्यम बारिशकी संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

 

अमिताभ सिन्हा

अमिताभ सिन्हा hpbltop.com के वरिष्ठ राजनीतिक संपादक हैं। पत्रकारिता में 12 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्हें भारतीय राजनीति, चुनावी रणनीतियों और संसद की कार्यवाही की गहरी समझ है। अमिताभ की रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष होती है। वे जटिल सरकारी नीतियों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में माहिर हैं। खाली समय में वे राजनीतिक इतिहास पढ़ना पसंद करते हैं।
  • ईमेल: amitabh@hpbltop.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *