झारखंड भर्ती घोटाला: OMR शीट में होता था परीक्षा में गोलमाल, जांच टीम को मिली अहम कड़ी, ओएमआर शीट सेटिंग का मास्टरमाइंड अतुल वत्स; 16 का सिंडिकेट सक्रिय
JPSC JSSC Scam: CID Probe Reveals Atul Wats Link in OMR Sheet Tampering भर्ती घोटाले की जांच में CID को बड़ी सफलता। आरोपी मो. एबाद ने खोला 16 लोगों के सिंडिकेट का राज, उत्पाद सिपाही भर्ती के मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नाम आया सामने।

Ranchi News: झारखंड में भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के तार नयी-नयी परीक्षाओं से जुड़ती जा रही है। उत्पाद भर्ती परीक्षा को लेकर भी जांच टीम को नयी कड़ी हाथ लगी है। जांच के दौरान ये पता चला है कि उत्पाद भर्ती परीक्षा भर्ती में मास्टरमाइंड कोई और था। जांच टीम को मिले अहम क्लू के बाद इस मामले में नया एंगल जुड़ गया है। लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रही सीआईडी (CID) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद एबाद ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। एबाद के बयान के बाद उत्पाद सिपाही परीक्षा में धांधली करने वाले अंतर्राज्यीय सॉल्वर गिरोह के मास्टरमाइंड अतुल वत्स और मिथिलेश सिंह का सीधा कनेक्शन सामने आया है।सीआईडी की जांच के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े और ओएमआर (OMR) शीट सेटिंग को अंजाम देने के लिए 16 लोगों का एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था।
OMR और OSM शीट से छेड़छाड़ का आरोप
उत्तर प्रदेश के रोनाही का रहने वाला और टीडीपीएल (TDPL) कंपनी का पूर्व कर्मचारी मो. एबाद इस समय पुलिस की गिरफ्त में है। उसने सीआईडी के समक्ष स्वीकार किया है कि उसने गिरोह के साथ मिलकर जेपीएससी परीक्षा की OMR और OSM शीट में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की थी।
एबाद के खुलासे के बाद सीआईडी ने इस सिंडिकेट में शामिल 13 अन्य सदस्यों को भी चिह्नित किया है, जिनमें रामबीर सिंह, अरविंद कुमार, राजेश सिंह, आदित्य पांडेय, सुनील कुमार, संतोष सिंह, ब्रजेश कुमार, अली, इमरान, अजय संग्राम सिंह, प्रमोद पाठक, कृष्णा यादव और मो. उस्मान के नाम शामिल हैं।
कई राज्यों के भर्ती घोटालों में अतुल वत्स का नाम
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अतुल वत्स को 12 अप्रैल 2026 को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने के आरोप में तमाड़ थाना क्षेत्र से 164 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में हुए भर्ती घोटालों में भी संलिप्त रहा है:
- राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017)
- नीट (NEET) पेपर लीक (2024)
- बिहार सीएचओ (CHO) भर्ती (2024)
- यूपी आरओ/एआरओ पीटी (UP RO/ARO PT) एवं यूपी सिपाही भर्ती (2024)
हालांकि, झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा के मामले में पुलिस का कहना है कि यह सीधे तौर पर पेपर लीक का नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों को झांसा देकर ठगी करने वाले सॉल्वर गिरोह का मामला है।
अन्य परीक्षाओं में भी सिंडिकेट की भूमिका पर नजर
उल्लेखनीय है कि सह-आरोपी मिथिलेश सिंह का नाम इससे पहले जेपीएससी घोटाले के चर्चित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के इकबालिया बयान में भी आ चुका है। सीआईडी अब इस मुख्य बिंदु पर गहन जांच कर रही है कि क्या इस 16 सदस्यीय सिंडिकेट की पैठ जेपीएससी और जेएसएससी की अन्य पूर्व में आयोजित परीक्षाओं में भी थी।









