अभी-अभी की बड़ी खबर: इंस्पेक्टर सहित चार जवान शहीद, नक्सल अभियान के दौरान IED ब्लास्ट, चार जवान मौके पर शहीद…
Just now: Four soldiers including an inspector martyred, IED blast during Naxal operation, four soldiers martyred on the spot...

Jawan Shaheed । नक्सल आपरेशंस के दौरान आज एक बड़ी नक्सली वारदात हो गयी। IED ब्लास्ट में इंस्पेक्टर सहित चार जवान शहीद हो गये। वहीं एक जवान की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले में हुई है। हैरानी की बात ये है कि ये घटना उस वक्त हुई है, जब छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त हो गया है। कांकेर–नारायणपुर सीमा क्षेत्र में चल रहे डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के दौरान दुर्घटनावश आईईडी विस्फोट हो गया, जिसकी चपेट में आये तीन जवानों ने मौके पर ही शहीद हो गये, जबकि एक जवान की मौत इलाज के दौरान हो गई है।
IED डिफ्यूज करने के दौरान हादसा
जानकारी के मुताबिक थाना छोटेबेठिया क्षेत्र से पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम नियमित अभियान के तहत जंगल क्षेत्र में निकली थी। यह अभियान विशेष रूप से माओवादियों द्वारा पहले से लगाए गए आईईडी को खोजकर निष्क्रिय करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा था।डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को एक संदिग्ध आईईडी मिला, जिसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मौके पर मौजूद चार जवान इसकी चपेट में आ गए।
इंस्पेक्टर सहित चार जवान शहीद
इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही शहीद हो गए। वहीं कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को गंभीर अवस्था में तत्काल उपचार के लिए भेजा गया, जहां उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर आईजी ने दी घटना की जानकारी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली सूचनाओं और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में सैकड़ों आईईडी बरामद कर उन्हें सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया है। यह अभियान लगातार जारी है और इसका उद्देश्य क्षेत्र को सुरक्षित बनाना है।
नक्सलियों के इनपुट हो रहा डिफ्यूज
कांकेर जिला पुलिस की टीम एक आईईडी को निष्क्रिय करने का प्रयास कर रही थी, उसी दौरान वह अचानक फट गया, जिससे यह बड़ा नुकसान हुआ। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल किस तरह हर पल जोखिम के बीच अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।









